
वाराणसी:शहर/कस्बे के कई इलाकों में आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। सुबह-शाम सड़क पर निकलना अब लोगों के लिए खतरे से खाली नहीं। राहगीरों, स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं पर कुत्तों के द्वारा अचानक हमला किए जाने की घटनाएं आम हो गई हैं, जिससे इलाके में भय का माहौल बना हुआ है।
सिगरा थाना अंतर्गत गुजराती गली में राहगीर को काटने के साथ घर में घुसकर भी लोगों को कुत्ते ने कांटा,शिकायत के बाद भी नगर निगम नहीं पहुंचा
स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के समय स्थिति और भी भयावह हो जाती है। गली-मोहल्लों में घूमने वाले कुत्तों के झुंड बाइक सवारों के पीछे दौड़ पड़ते हैं, जिससे कई लोग गिरकर घायल हो चुके हैं। बीते कुछ दिनों में कुत्तों के काटने की घटनाएं बढ़ी हैं, कल घर में घुसकर कुत्ते ने काट लिया और एक राहगीर को भी, जिसके चलते अस्पतालों में एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगवाने वालों की संख्या भी बढ़ी है।
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि नगर निगम/नगर पंचायत की लापरवाही के कारण समस्या विकराल रूप ले चुकी है। नसबंदी अभियान और कुत्तों को पकड़ने की कार्रवाई सिर्फ कागजों तक सीमित रह गई है। कई बार शिकायत के बावजूद जिम्मेदार विभाग केवल आश्वासन देकर मामला टाल देते हैं।
स्थानीय सभासद और समाज सेवा करने वाले लोग सिर्फ चुनावी निमंत्रण पर वोट की रोटी खाते हैं समस्या समाधान के लिए न मिलने जाते हैं ना शिकायत पर सुनवाई होती है ! वहीं अभिभावकों में बच्चों को अकेले स्कूल या ट्यूशन भेजने को लेकर चिंता बढ़ गई है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द प्रभावी अभियान चलाकर आवारा कुत्तों की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए। नसबंदी, टीकाकरण और जरूरत पड़ने पर कुत्तों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने की ठोस व्यवस्था की जाए, ताकि आमजन को इस आतंक से राहत मिल सके और सड़कें और गलियां फिर से सुरक्षित हो सकें !!
