
छात्रों ने हाथों पर काली पट्टी बांधकर शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराया और तख्तियां लेकर बीएचयू प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
छात्रों का आरोप है कि छात्राओं की सीटें खत्म करने का फैसला उनके अधिकारों के खिलाफ है और यह लड़कियों के साथ अन्यायपूर्ण व्यवहार को दर्शाता है। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि इससे पहले उन्होंने बीएचयू के केंद्रीय कार्यालय पर भी धरना देकर कुलपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा था, जिसमें सीटें बहाल करने की मांग की गई।
प्रदर्शन कर रहे छात्र विपुल ने कहा कि यदि प्रशासन जल्द निर्णय पर पुनर्विचार नहीं करता, तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। फिलहाल छात्र शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को लेकर विरोध जता रहे हैं।
छात्रों ने चेतावनी दी है कि जब तक छात्राओं की सीटें बहाल नहीं की जातीं, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। इस मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
