कर्दमेश्वर महादेव मंदिर काशी के प्राचीनतम शिवालयों में से एक माना जाता है और पंचकोशी यात्रा का पहला पड़ाव है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस मंदिर की स्थापना महर्षि कर्दम ने की थी, जिनके नाम पर इसका नाम कर्दमेश्वर पड़ा। कहा जाता है कि यहां भगवान शिव स्वयं कर्दम ऋषि को दर्शन देकर इस स्थान को पवित्र बनाया। शिवरात्रि के पूर्व रात्रि में श्रद्धालु यहां जलाभिषेक कर पंचकोशी यात्रा की शुरुआत करते हैं। यह मंदिर आध्यात्मिक ऊर्जा और तपस्या का प्रतीक माना जाता है तथा काशी की प्राचीन धार्मिक परंपरा का महत्वपूर्ण केंद्र है।
शिवरात्रि से पहले क्यों खास है कर्दमेश्वर महादेव मंदिर? जानिए इसका प्राचीन रहस्य
