विपक्षी अरविंद सिंह नामक भू माफिया जो क्षेत्र में कई जमीनों को कब्जा करते चला आया है, वो व्यक्ति रामकुंड अखाड़े वह रामकुंड और रामेश्वर महादेव मंदिर की तीनों संपत्ति को अपनी पुश्तैनी संपत्ति बताकर कब्जा करने के नियत से पहुंच,
300 साल पुराने इतिहास को मिटाने पहुंचा अरविंद सिंह भू माफिया जो सन 2023 का पीला कार्ड लेकर अपना स्वामित्व, स्वयं तय करने व कब्जा करने पहुंच अरविंद सिंह,
सरकारी संपत्ति को अपना बताकर अरविंद सिंह लगभग 15 लोगों की संख्या में कब्जा करने पहुंचा रामकुंड अखाड़ा, जब स्थानीय लोगों ने इसका विरोध किया तो महापौर अशोक तिवारी व क्षेत्रीय पार्षद मौके पर पहुंचकर कागज की जांच पड़ताल करने के बाद महापौर ने लगाई फटकार, अखाड़ा समिति ने इस आदेश को 2022 में चैलेंज किया है, न्यायालय में मामला विचाराधीन है, जिसकी सुनवाई 26,5,2026 को है,उसके बावजूद अरविंद सिंह अखाड़े को कब्जा करने पहुंच गया, 300 साल से अखाड़ा समिति का है रामकुंड अखाड़े पर कब्जा क्षेत्रीय व कॉलोनी के लोग उस अखाड़े में एक्सरसाइज,रियाज कुश्ती करते चले आ रहे हैं, कई बड़े पहलवान इस अखाड़े मे रियाज करते थे, इस अखाड़े का इतिहास यह भी दर्शाता है कि चंद्रशेखर आजाद जैसे जननायक पहलवान यहां पर रियाज करते थे,
वहीं विपक्षी अरविंद सिंह आज पहुंचा CP, कार्यालय मीडिया से बात करते हुए अरविंद सिंह ने ज़ोनल अधिकारी सहित क्षेत्रीय पार्षद पर लगाया आरोप, साथ ही भूमिया अरविंद सिंह के पास पीला कार्ड के अलावा नहीं है कोई कागज मीडिया को केवल पीला कार्ड दिखाकर कर रहा गुमराह, अपने ऊपर कारवाई से बचने के लिए अरविंद सिंह लगा रहा जोनल अधिकारी सहित क्षेत्रीय पार्षद पर आरोप,,
