
राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर में आयोजित ‘सोमनाथ संकल्प महोत्सव’ में भी भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच दोनों ने श्रद्धालुओं के साथ ‘ॐ’ का जाप किया। मंदिर परिसर हर-हर महादेव के जयघोष से गूंज उठा।
इस अवसर पर मंदिर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने दोनों का स्वागत किया। सुरक्षा व्यवस्था के बीच बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी मौजूद रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य काशी और सोमनाथ जैसे प्रमुख ज्योतिर्लिंगों के सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक संबंधों को और मजबूत करना बताया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि काशी और सोमनाथ भारत की सनातन संस्कृति के प्रतीक हैं और ऐसे आयोजन देश की आध्यात्मिक एकता को सुदृढ़ करते हैं।
