धर्मसंघ में 26 से तीन दिवसीय काशी संगीत कला महोत्सव, बनारस घराने को समर्पित आयोजन में 60 से अधिक कलाकार देंगे प्रस्तुति

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मणि मंदिर परिसर में 26, 27 और 28 मार्च को सायं 7 बजे से होगा आयोजन, शहनाई वादन से होगा शुभारंभ, देश-विदेश के कलाकार होंगे शामिल

वाराणसी। धर्मसम्राट स्वामी करपात्री जी महाराज की तपोभूमि धर्मसंघ द्वारा बनारस घराने को समर्पित तीन दिवसीय काशी संगीत कला महोत्सव का आयोजन 26, 27 एवं 28 मार्च को दुर्गाकुण्ड स्थित मणि मंदिर परिसर में किया जाएगा। श्रीधर्मसंघ शिक्षा मण्डल के तत्वावधान में आयोजित इस महोत्सव में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बनारस घराने की शास्त्रीय संगीत परंपरा को आगे बढ़ाने वाले 35 मुख्य कलाकार एवं 25 सहयोगी कलाकार सहित कुल 60 से अधिक कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे।
यह जानकारी रविवार को मणि मंदिर प्रांगण में आयोजित पत्रकार वार्ता में कार्यक्रम संयोजक एवं धर्मसंघ के महामंत्री पं. जगजीतन पाण्डेय तथा सह संयोजक पं. देवन्नत मिश्र ने दी। उन्होंने बताया कि बनारस घराने की समृद्ध शास्त्रीय संगीत परंपरा के संरक्षण एवं संवर्धन के उद्देश्य से यह महोत्सव आयोजित किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि इस आयोजन में बनारस घराने के दिग्गज कलाकार रहे बड़े रामदास जी, पं. कण्ठे महाराज, पं. किशन महाराज, पं. महादेव प्रसाद मिश्र, सितारा देवी, गिरिजा देवी ‘अप्पाजी’, अलखनंदा देवी, गुदई महाराज, पं. अनोखेलाल जी एवं पं. बद्रीप्रसाद जैसे दिवंगत महान कलाकारों के शिष्य प्रतिनिधि विशेष रूप से शामिल होंगे।

शहनाई वादन से होगा महोत्सव का शुभारंभ

महोत्सव का शुभारंभ 26 मार्च को सायं 7 बजे मंदिर परिसर में बने मुक्ताकाशीय मंच पर संगीत नाटक अकादमी से सम्मानित पं. जवाहरलाल एवं उनके सहयोगियों के शहनाई वादन से होगा। इसके बाद पं. गणेश प्रसाद मिश्र का गायन, सौरव गौरव मिश्र का कथक नृत्य, विदुषी कमला शंकर का शंकर वीणा वादन, पं. अरविंद कुमार आजाद का स्वतंत्र तबला वादन, पं. धर्मनाथ मिश्र का गायन, रुद्रशंकर मिश्र का कथक नृत्य तथा प्रो. राजेश शाह का सितार वादन प्रस्तुत किया जाएगा।

दूसरे दिन होंगे विविध संगीत और नृत्य कार्यक्रम

महोत्सव के दूसरे दिन 27 मार्च को विदुषी रागिनी सरना के गायन से कार्यक्रम की शुरुआत होगी। इसके बाद राकेश कुमार का बाँसुरी वादन, विदुषी सुचेता गांगुली का गायन, पं. पूरन महाराज एवं अवंतिका महाराज का तबला वादन, पं. दीपक एवं पं. प्रकाश मिश्र का गायन, बनारस घराने के कलाकारों द्वारा ताल तरंग, वसुंधरा शर्मा एवं अमृत मिश्र का युगल कथक नृत्य तथा नीरज अमरनाथ मिश्रा एवं अभिषेक सिंह का सितार एवं बाँसुरी वादन होगा।

तीसरे दिन सितार त्रिवेणी से होगा समापन

महोत्सव के तीसरे दिन 28 मार्च को पं. रविनाथ मिश्र एवं आराध्य मिश्र का तबला वादन, विदुषी सुचरिता गुप्ता का गायन, पं. राजेन्द्र प्रसन्ना का बाँसुरी वादन, पं. रितेश एवं पं. रजनीश मिश्र का गायन, पं. माता प्रसाद, पं. रविशंकर मिश्र एवं ममता टंडन का युगल कथक नृत्य तथा पं. ऋषि मिश्र का गायन प्रस्तुत किया जाएगा।
कार्यक्रम का भव्य समापन पद्मश्री पं. शिवनाथ मिश्र, पं. देवव्रत मिश्र एवं कृष्णा मिश्र द्वारा तीन पीढ़ियों की संयुक्त प्रस्तुति सितार त्रिवेणी से किया जाएगा।

दीप प्रज्ज्वलन से होगा औपचारिक उद्घाटन

महोत्सव का औपचारिक उद्घाटन धर्मसंघ पीठाधीश्वर स्वामी शंकरदेव चैतन्य ब्रह्मचारी जी महाराज द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर किया जाएगा। इस अवसर पर पद्मश्री पं. शिवनाथ मिश्र, पद्मश्री श्रीभाष सुपकार एवं पद्मश्री से सम्मानित डॉ. मंगला कपूर विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।
इस महोत्सव में तबला, हारमोनियम, तानपुरा एवं सारंगी के कई वरिष्ठ संगतकार भी कलाकारों के साथ अपनी प्रस्तुति देंगे, जिससे तीन दिनों तक काशी में सुर, लय और ताल की त्रिवेणी बहेगी।

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