कथा सुनना भी किसी साधना से कम नहीं है-कथावाचक पंडित विद्याधर मिश्र

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दूसरे दिन गायत्री मंत्र जप,सूर्य ध्यान,देव पूजन एवं गायत्री महायज्ञ व प्रज्ञा पुराण कथा का आयोजन

रोहनिया। मोहनसराय चौराहा पर गायत्री शक्तिपीठ नगवा वाराणसी के तत्वाधान में
शाखा गायत्री परिवार मोहनसराय द्वारा आयोजित तीन दिवसीय श्री पावन प्रज्ञा पुराण एवं गायत्री महायज्ञ के दूसरे दिन रविवार को सुबह गायत्री मंत्र जप,देव पूजन एवं गायत्री महायज्ञ किया गया। जिसमें गायत्री परिवार एवं क्षेत्रीय लोगों ने बढ़चढ़ कर भाग लिया। शाम को 6 बजे से रात्रि 10 बजे तक आयोजित संगीतमय प्रज्ञा पुराण कथा में नगवा शक्तिपीठ से आए कथावाचक पंडित विद्याधर मिश्र ने जीवन में यज्ञ के महत्व, मां गायत्री एवं गुरु जी की महिमा एवं संस्कार पर विस्तार पूर्वक समझाते हुए बताया।उन्होंने कथा में अच्छे श्रोता के गुण बताते हुए कहा कि कथा सुनना केवल सुनने का ढर्रा न बन जाए बल्कि कथा सुनने का लक्ष्य/उद्देश्य भी ध्यान में रहे,कथा सुनना किसी साधना से कम नहीं,यह पावन प्रज्ञा पुराण की कथा युग के समाधान को लिए हुए है।कथा के दौरान भारी संख्या में उपस्थित श्रोता श्रद्धालुओं की भक्तिमय भाव विभोर हो गये। कार्यक्रम के उपरांत माता भगवती भोजनालय में लोगों ने प्रसाद के रूप में भोजन ग्रहण किया।इस दौरान शक्तिपीठ नगवा की टीम पूर्णिमा ,कल्पनाथ, महेंद्र विश्वकर्मा, शीला श्रीवास्तव, संजीव श्रीवास्तव, डॉक्टर सीताराम विश्वकर्मा,ओमेश्वर सपेत,बनारसी प्रसाद,मालती प्रसाद इत्यादि लोग उपस्थित रहे।

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