“दिशा बौद्धिक पाठ्यक्रम” विषय पर तीन दिवसीय सीआरई कार्यक्रम का शुभारंभ

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बयोश्री योजना के तहत दिव्यांगजनो व वरिष्ठ नागरिकों को वितरण हुआ सहायक उपकरण

रोहनिया।खुशीपुर स्थित सीआरसी के सभागार में गुरुवार को सीआरसी वाराणसी के निदेशक डॉ. आशीष कुमार झा देखरेख में राष्ट्रीय बौद्धिक दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान, सिकंदराबाद के क्षेत्रीय केंद्र मुंबई तथा जय वकील फाउंडेशन, मुंबई के सहयोग से“दिशा बौद्धिक पाठ्यक्रम” विषय पर तीन दिवसीय सीआरई कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।जिसके दौरान
कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. रवि कुमार सिंह, प्रभारी अधिकारी, राष्ट्रीय बौद्धिक दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान, क्षेत्रीय केंद्र मुंबई ने सभी प्रतिभागियों को कार्यक्रम की रूपरेखा तथा “दिशा बौद्धिक पाठ्यक्रम” के उद्देश्य एवं महत्व के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की।कार्यक्रम के उद्घाटन पर सीआरसी वाराणसी के निदेशक डॉ. आशीष कुमार झा ने सभी अतिथियों का अंगवस्त्र भेंट कर स्वागत किया। अपने स्वागत उद्बोधन में उन्होंने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम दिव्यांगजन के क्षेत्र में कार्यरत विशेषज्ञों के ज्ञान और कौशल को और अधिक सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।तकनीकी सत्र में डॉ. वसीम अहमद खान, प्रवक्ता (विशेष शिक्षा), राष्ट्रीय बौद्धिक दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान, क्षेत्रीय केंद्र नोएडा तथा आशुतोष सिंह, प्रवक्ता (विशेष शिक्षा), राष्ट्रीय बौद्धिक दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान, क्षेत्रीय केंद्र नोएडा ने अपने व्याख्यान के माध्यम से प्रतिभागियों को विषय से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। इसके साथ ही जय वकील फाउंडेशन की टीम द्वारा भी दिशा पाठ्यक्रम के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।इस कार्यक्रम के सफल आयोजन में नमो नारायण पाठक, असिस्टेंट प्रोफेसर (विशेष शिक्षा), सीआरसी वाराणसी तथा उनकी टीम की विशेष भूमिका रही।कार्यक्रम के समापन सत्र में सीआरसी वाराणसी एवं पीएमडी वाराणसी के सहयोग से राष्ट्रीय एडिप योजना एवं राष्ट्रीय वयोश्री योजना के अंतर्गत लगभग 10 लाख रुपये मूल्य के सहायक उपकरण 50 दिव्यांगजनों एवं वरिष्ठ नागरिकों को निःशुल्क वितरित किए गए।यह कार्यक्रम दिव्यांगजन सशक्तिकरण के क्षेत्र में कार्यरत पेशेवरों के लिए ज्ञानवर्धन एवं कौशल विकास का एक महत्वपूर्ण अवसर सिद्ध हो रहा है।

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