
वाराणसी। नगर निगम में कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर दूसरे व्यक्ति के नाम पर नौकरी करने का मामला सामने आने के बाद विभाग में हलचल मच गई है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि सकलू नामक व्यक्ति ने दस्तावेजों में कथित हेरफेर कर बेचन के नाम पर नगर निगम में बेलदार की नौकरी हासिल की और वर्षों तक सरकारी कर्मचारी के रूप में सेवा करने के बाद सेवानिवृत्त भी हो गया। इतना ही नहीं, आरोप है कि वह वर्तमान में सरकारी पेंशन का लाभ भी ले रहा है।
शिकायत के अनुसार, बेचन को उसके पिता रघुनाथ कुमार की मृत्यु के बाद नगर निगम में अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति मिली थी। आरोप है कि इसी नियुक्ति से जुड़े दस्तावेजों में हेरफेर कर सकलू ने बेचन की जगह नौकरी की। यदि यह आरोप सही साबित होते हैं तो मामला सरकारी सेवा में फर्जीवाड़े और सरकारी धन के दुरुपयोग का गंभीर मामला माना जाएगा।
शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच ऊंच गांव के लेखपाल को सौंपी गई है। जांच अधिकारी नियुक्ति से जुड़े अभिलेख, सेवा रिकॉर्ड, पहचान संबंधी दस्तावेज और अन्य सरकारी रिकॉर्ड की जांच कर रहे हैं। वहीं शिकायतकर्ता ने जांच प्रक्रिया पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि मामले में कथित तौर पर लीपापोती का प्रयास किया गया। हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
फिलहाल पूरे मामले की सच्चाई जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ पेंशन और सरकारी धन की वसूली की कार्रवाई भी हो सकती है। वहीं नगर निगम प्रशासन की आधिकारिक प्रतिक्रिया का भी इंतजार किया जा रहा है।
